Friday, 13 June 2014

जुगाड़ की भाषा या भाषा का जुगाड़

भाषा के मामले में दुनिया का हर आदमी जुगाड़ी है। वह शब्दों का जुगाड़ मुख-सुख के लिए ढूंढ ही लेता है। जैसे बहुत से पंजाबी अदरक को अदकर कहते हैं, कीचड़ को चिक्कड़ और चाकू को काचू बोलते हैं। इसी तरह उत्तरप्रदेश के बहुत लोग लखनऊ को नखलऊ कहते सुने जा सकते हैं। जब बात जुगाड़ की आ गई है तो बात करते हैं वर्कशॉप और वाहनों से संबंधित उन शब्दों की जिनके जुगाड़ मुख-सुख की वजह से तलाश लिए गए हैं।
इंजन नम्बर और चेसिस नम्बर के बारे में हम सबने सुना रखा है। उच्चारण व लिखने की दृष्टि से इंजन को एÓन्जिन बोला और लिखा जाना चाहिए पर आजकल इंजन या इंजिन हमें स्वीकार हो गया है। दूसरा शब्द है चेसिस। जिसे कुछ लोग चैसी या चेसिज या चेचिस भी कहते हैं। इस शब्द का सही उच्चरण है शैसे या शैस्इ। यह शब्द बोलने और लिखने दोनों के लिहाज से आजकल नजर ही नहीं आता। जब वर्कशॉप खुली हुई है तो कुछ और शब्दों पर भी बात भी कर लेते हैं। एक औजार है-जैक। यह वह औजार है जिससे वाहनों के टायर आदि बदलने के लिए वाहन को उपर उठाया जाता है। हम लोग इसे बहुत ही जल्दी में जेक बोलते हैं। जबकि इसे धीरे से खींचकर जैअ्क बोलना चाहिए। एक ही स्पैंलिग के साथ इस जैक के बहुत सारे अर्थ हैं जैसे- नाविक, मल्लाह, मजदूर, नौकर, गुर्गा, लौंडा, गुलाम, छोटा झंडा और कटहल आदि। ताश में भी जो गुलाम होता उसे भी जैक ही कहते हैं।
एक और बहुत ही प्रचलित शब्द है टोचन। यह स्टील, जूट या पलास्टिक की रस्सी होती है जिसकी मदद से एक खराब वाहन को दूसरे वाहन से बांध कर खींचकर ले जाया जाता है। सही शब्द है टो-चेन या टोइंग चेन। यह दो शब्दों से मिलकर बना है। टो यानी खींचना चेन यानी धातु की रस्सी। अब यह स्त्रीलिंग टो-चेन कब पुल्ंिलग टोचन हो गया पता ही नहीं लगा। हम में से बहुत से लोग टोचन को अंग्रेजी का शब्द नहीं मानकर जुगाड़ की तरह का एक जुगाड़ी शब्द ही समझते हैं। ऐसा समझने के पीछे एक तर्क भी है। हमारे मिस्त्री बहुत से औजारों और पुर्जों का नाम उनकी शक्ल देखकर रखते हैं। ये लोग रिचेट को कुत्ता, टेपेट को चिड़ी, इगनीशिअन कॉयल को घुग्गी, ओपनएंड स्पेनर को चाबी, सॉकेट को गोटी, प्लायर्स को जमूरा और नोज प्लायर्स को चूहा प्लास कहते हैं। हद यह कि साइकिल के गिअर टीथ खराब होने पर हम कहते हैं- इसके कुत्ते फेल हो गए। अब तो यह एक मुहावरा बन चुका है, कमजोर, आलसी और बड़बोले लोगों के लिए इसे अकसर प्रयोग में लाया जाता है।
अंत में बात करते दो और शब्दों की, पहला है बबलिंग। आमतौर पर कोई वाहन अगर उछल-उछल कर चल रहा हो या उसका टायर डगमगा रहा हो तो उसे बबलिंग कहते हैं। इसका सही उच्चारण है बोबलिंग या वैंबलिंग। दूसरा शब्द है-जैनुअन। जिसे हम जैनियन या जीनाइन भी कहते हैं। ऐसा नहीं है कि हम विदेशी भाषाओं के साथ ही ऐसा व्यवहार करते हैं, हम आपनी मातृ भाषा की भी इतनी ही इज्जत करते हैं।

1 comment:

  1. उचित स्तर का प्रयास है ।लोगों की जिंदगी जीने की जरूरत है ।

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